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म्यांमार सरकार और 16 नृजातीय विद्रोही गुटों ने युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गये |

म्यांमार सरकार और 16 नृजातीय विद्रोही गुटों ने युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गये |



0000-00-00 : म्यांमार सरकार और 16 नृजातीय विद्रोही गुटों ने 31 मार्च 2015 को राष्ट्रव्यापी युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए गये है | यह समझौता पिछले 65 वर्षों से चले आ रहे नागरिक अशांति और सैन्य संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से हस्ताक्षरित किया गया है | यह समझौता यूनियन पीस वर्किंग कमेटी और द नेशनवाइड सीज़फायर कोओरडीनेशन टीम के बीच हुआ | समझौते के दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति यू थीन सीन भी मौजूद थे | यह समझौता 2013 से हो चुकी सात वार्ताओं के बाद हस्ताक्षरित किया गया था | समझौते में चार विवादित मुद्दों को हल करने पर सहमती हुई जो की निम्नलिखित है - (i) सैन्य सेवाओं में भर्ती को विराम दिया जाएगा | (ii) सशस्त्र विद्रोही गुटों के क्षेत्र और स्थिति की पुष्टि की जाएगी | (iii) राजनीतिक संवाद की प्रकृति और संरचना को स्पष्ट किया जाएगा | लेकिन समझौते पर अंतिम मंजूरी देने से पहले विद्रोही गुट अपने शीर्ष नेताओं से वार्ता करेंगे | (iv)समझौते के तहत विद्रोही गुटों को एक ऐसी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा जिसके तहत सत्ता और संसाधनों का हस्तांतरण स्थानीय प्रशासन को कर दिया जाएगा | इस समझौते का विरोध 1948 में म्यांमार सरकार द्वारा किया गया था | संक्षिप्त रूप से 16 नृजातीय विद्रोही गुटों ने युद्ध विराम का मतलब : समझौते पर हस्ताक्षर करने के इस कदम की संयुक्त राष्ट्र ने सराहना की है और इसे एक "ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण उपलब्धि" बताया है : यह कदम म्यांमार की अर्द्ध असैनिक सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है यह समझौता विद्रोही गुटों के के द्वारा की जा रही युद्ध गतिविधियों को समाप्त करेगा | तथा म्यांमार यूनाइटेड किंगडम से 1948 में स्वतंत्र हुआ और यहाँ स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से सशस्त्र आंतरिक संघर्ष चल रहा है | म्यांमार का यह नागरिक संघर्ष विश्व के सबसे लम्बे समय तक चलने वाले संघर्षों में से एक है |

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