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वैज्ञानिकों ने चन्द्रमा पर सुपरनोवा के आयरन आइसोटोप की खोज की|

वैज्ञानिकों ने चन्द्रमा पर सुपरनोवा के आयरन आइसोटोप की खोज की|





2016-04-18 : म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने हाल ही में, 60 फेरस (आयरन) के आइसोटोप के निशान की खोज की है। ये आइसोटोप पृथ्वी के समुद्र तल पर पाए गए आइसोटोप के समान हैं। इसके साथ ही यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि ये आइसोटोप सुपरनोवा एक्सप्लोजन के दौरान उत्पन्न आइसोटोप की तरह ही है। यह अध्ययन 13 अप्रैल 2016 को फिजिक्स रिव्यू लेटर्स नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ था। इससे पूर्व एक अनूठा लोहा आइसोटोप, 60Fe(60 फेरस) प्रशांत महासागर की तलहटी में पाया गया था।इसी प्रकार के उच्च सांद्रता वाले आइसोटोप का पता वैज्ञानिकों ने पुनः चन्द्रमा पर लगया है।

म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 1969 और 1972 के बीच संपन्न अपोलो चंद्र मिशन 12, 15 और 16 में चन्द्रमा से पृथ्वी पर लाये गए सामग्री का इस्तेमाल नमूना के रूप में किया। मायर लाइबनित्ज प्रयोगशाला में उच्च संवेदनशील त्वरक मास स्पेक्ट्रोमीटर के जरिये यह अध्ययन किया गया। इस अध्ययन से यह पता चलता है कि पृथ्वी और चंद्रमा पर सुपरनोवा एक्सप्लोजन के लिए एक ही प्रकार के तारकीय कणों को भेजा गया।

सुपरनोवा के बारे में :-

# नासा के अनुसार अपने जीवन चक्र के अंत में तारों का एक विस्फोट ही सुपर नोवा है।

# तारे हाइड्रोजन के बने होते हैं और एक बार विस्फोट के बाद ये नए तत्वों को उत्पन्न करते हैं।

# और जब ये सम्मिलित तत्व वृहद् आकर ग्रहण करते हैं तो सुपरनोवा एक्सप्लोजन(विस्फोट) होता है जिससे चारो तरफ आइसोटोप के कण बिखरते हैं।

# ऐसा माना जाता है कि सुपरनोवा विस्फोट लगभग दो लाख साल पहले हमारे सौर मंडल के समीप हुआ था। यह लगभग 300 प्रकाश वर्ष दूर है।

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