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भारतीय मूल के प्रोफेसर लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य

भारतीय मूल के प्रोफेसर लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य "रेजियस प्रोफेसरशिप" सम्मान से सम्मानित किये गये|





2016-06-09 : वारविक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप (डब्ल्यूएमजी) के संस्थापक प्रोफेसर लॉर्ड कुमार भट्टाचार्य को 7 जून 2016 को क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा रेजियस प्रोफेसरशिप से सम्मानित किया गया। कुमार भट्टाचार्य भारतीय ब्रिटिश इंजिनियर, शिक्षाविद एवं सरकारी सलाहकार हैं। वर्ष 1980 में वे यूनिवर्सिटी ऑफ़ वारविक में मैन्युफेक्चरिंग सिस्टम्स के प्रोफेसर बने तथा उन्होंने वारविक मैन्युफेक्चरिंग ग्रुप की स्थापना की। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। वे 1960 के दशक में ब्रिटेन चले गये जहां उन्होंने लुकास इंडस्ट्रीज में छह वर्ष तक कार्य किया। उन्होंने बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से एमएससी तथा इंजीनियरिंग प्रोडक्शन में पीएचडी डिग्री प्राप्त की।

रेजियस प्रोफेसरशिप के बारे में :-

# इस प्रोफेसर को रॉयल अधिकार एवं सम्मान प्राप्त होता है।

# अकादमिक करियर में उन्हें विशेष प्रतिष्ठा दी जाती है।

# पहली रेजियस प्रोफेसरशिप मेडिसिन क्षेत्र में दी गयी थी। इसकी स्थापना स्कॉटिश किंग जेम्स चतुर्ध द्वारा 1497 में की गयी।

# ग्लासगो यूनिवर्सिटी में सबसे अधिक रेजियस प्रोफेसर कार्यरत हैं।

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