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पाकिस्तान की संसद ने हिंदू विवाह बिल को स्वीकृति प्रदान की

पाकिस्तान की संसद ने हिंदू विवाह बिल को स्वीकृति प्रदान की





2017-01-06 : हाल ही में, पाकिस्तान की संसद ने बहु-प्रतीक्षित हिंदू विवाह बिल 2016 को स्वीकृति प्रदान कर दी। हिंदू विवाह अधिनियम को पाकिस्तान निवासित हिंदू अल्पसंख्यकों को मानवाधिकार पर बनी सीनेट फंक्शनल कमेटी ने अंतिम स्वीकृति प्रदान की है। हिंदू विवाह विधेयक 2016 पाकिस्तान की संसद के ऊपरी सदन सीनेट में पारित होने के बाद कानून का रूप ले लेगा। पाकिस्तान में हिंदू विवाह पर कानून अमल में लाया जाएगा। हिंदू विवाह अधिनियम बिल-2016 का उल्लंघन करने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। बता दे की इससे पहले चार माह पूर्व सितंबर में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (उच्च सदन) ने पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं हेतु हिंदू मैरिज बिल-2016 पारित किया।

पाकिस्तान के प्रसिद्ध अखबार ‘डॉन’ के अनुसार पिछले 66 वर्षों से पाकिस्तान में निवासित हिंदुओं की शादी रजिस्टर्ड नहीं हो पाती थी। इस बिल के बाद हिंदुओं की शादी पाकिस्तान में पंजीकृत हो सकेंगी। हिंदू विवाह अधिनियम बिल-2016 के अनुसार मुसलमानों के निकाहनामा की तरह ही हिंदुओं को भी शादी के प्रमाण का दस्तावेज प्रदान किया जाएगा।

कानूनन इस दस्तावेज का नाम “शादीपरात” कहा जाएगा। विधेयक के अनुसार तलाकशुदा हिंदुओं को फिर से शादी करने की भी इजाजत मिलेगी। शादी टूटने के मामलों में अदालत में भी अपील की जा सकेगी। इसी कारण यह समुदाय पाकिस्तान में खुद को असुरक्षित महसूस करता था। अब पाकिस्तान की आबादी का 2 फीसदी हिस्सा यानि वहां के हिन्दू बेहतर जीवन जी सकते है। पाकिस्तान में अब तलाक और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे मामलों का समाधान भी आसानी से हल किया जा सकता है।

बिल के लाभ इस प्रकार है....

# हिंदू विवाह अधिनियम बिल के स्वीकृत होने के बाद पाकिस्तान में निवासित हिंदू लोगों को दूसरी शादी करने की इजाजत भी मिल सकेगी।

# पाक की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट सीनेटर नसरीन जलील की अध्यक्षता में सीनेट कमेटी ने बिल पर पूरी चर्चा की।

# नेशनल असेंबली में अल्पसंख्यक सदस्य डॉ. रमेश कुमार वांकवानी के अनुसार बिल के स्वीकृत होने के बाद उन्हें अब पाकिस्तानी हिंदू कहने में गर्व महसूस होगा।

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