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116 शहरों में ‘रहन-सहन सूचकांक’ कार्यक्रम का शुभारंभ करने की घोषणा की गयी

116 शहरों में ‘रहन-सहन सूचकांक’ कार्यक्रम का शुभारंभ करने की घोषणा की गयी





2018-01-20 : हाल ही में, आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप एस. पुरी ने 116 शहरों में ‘रहन-सहन सूचकांक’ कार्यक्रम का शुभारंभ करने की घोषणा की। इस प्रकार के मिशनों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण लक्ष्य भारत के शहरों को और ज्यादा ‘रहन-सहन योग्य ’ बनाना है। शहरों की मौजूदा स्थिति का आकलन करने और वहां के निवासियों का जीवन स्तर बेहतर करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक साझा न्यूनतम रूपरेखा विकसित करने हेतु आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने भारतीय शहरों की दृष्टि से प्रासंगिक माने जाने वाले ‘रहन-सहन मानकों’ का एक समूह विकसित किया है, ताकि ‘रहन-सहन सूचकांक’ तैयार किया जा सके और शहरों की रेटिंग की जा सके।

रहन-सहन सूचकांक का आधार इस प्रकार है...

# केंद्र सरकार 140 शहरों का ‘रहन - सहन सूचकांक’ जारी करेगी जिनमें 10 लाख से अधिक की आबादी शहर और स्मार्ट सिटी के रुप में विकसित होने वाले शहर शामिल होंगे।

# केंद्र सरकार रहन सहन की सुविधाओं के आधार शहरों का सूचकांक जारी करेगी। पहले चरण में 140 शहरों का सूचकांक जारी होगा।

# निश्चित मानकों के आधार पर शहरों का आकलन करने के लिए एजेंसियों को आमंत्रित करने की निविदा मंगा ली गयी है।

# शहरी विकास मंत्रालय ने राज्यों और शहरों के हितों को ध्यान में रखकर मानकों के लिए तथ्य एकत्र करने की एक प्रणाली तैयार की है।

# निर्धारित किए गए मानक प्रशासन, सामाजिक बुनियादी ढांचा जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, आर्थिक स्थिति, आवास, खुले स्थान, भूमि का इस्तेमाल, ऊर्जा, जल की उपलब्धता, ठोस कचरा प्रबंधन और प्रदूषण आदि से संबंधित हैं।

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