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गुजरात में यहूदियों को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया

गुजरात में यहूदियों को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया





2018-07-11 : हाल ही में, गुजरात सरकार द्वारा राज्य में यहूदी समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक का दर्जा प्रदान किया गया। राज्य के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने इस आशय का आदेश जारी किया। सरकारी आदेश में कहा गया है कि सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद गुजरात सरकार ने प्रदेश में रहने वाले यहूदी समुदाय को धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा प्रदान करने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद यहूदी समुदाय के लोगों को राज्य में धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के लिए तैयार कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

बता दे की यहूदी समुदाय के लोग लंबे समय से अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त करना चाहते थे। समुदाय ने अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपा था। गुजरात में यहूदियों की संख्या काफी कम है। उनकी संख्या लगभग दो सौ है और वे अधिकतर अहमदाबाद में रहते हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने अपनी छह दिवसीय इज़राइल यात्रा के दौरान वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर उन्हें गुजरात में यहूदियों को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने का आश्वासन दिया था।

यहूदी धर्म के बारे में :-

# यहूदी धर्म इस्राइल और हिब्रू भाषियों का राजधर्म है और इसका पवित्र ग्रंथ तनख़ बाईबल का प्राचीन भाग माना जाता है।

# धार्मिक पैग़म्बरी मान्यता मानने वाले धर्म इस्लाम और ईसाई धर्म का आधार इसी परम्परा और विचारधारा को माना जाता है।

# इस धर्म में एकेश्वरवाद और ईश्वर के दूत यानि पैग़म्बर की मान्यता प्रधान है। अपने लिखित इतिहास की वजह से ये कम से कम 3000 वर्ष पुराना माना जाता है।

# भारत में यहूदी धर्म आज से 2987 वर्ष पूर्व अर्थात 973 ईसा पूर्व में यहूदियों ने केरल के मालाबार तट पर प्रवेश किया।

# यहूदियों के पैगंबर को मूसा के नाम से जाना जाता है, लेकिन उस दौर में उनका प्रमुख राजा था सोलोमन, जिसे सुलेमान भी कहते हैं।

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