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वाडा ने भारतीय डिस्कस थ्रो खिलाड़ी संदीप कुमारी पर 4 साल का प्रतिबंध लगाया

वाडा ने भारतीय डिस्कस थ्रो खिलाड़ी संदीप कुमारी पर 4 साल का प्रतिबंध लगाया





2020-05-03 : हाल ही में, भारत की चक्का फेंक (डिस्कस थ्रो) महिला एथलीट संदीप कुमारी पर डोप टेस्ट में फेल होने के कारण चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। बता दे की संदीप कुमारी पर ये बैन विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की एथलेटिक्स इंटीग्रिटी इकाई ने लगाया है। लगभग दो साल पहले राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) ने उनके नमूने को सही पाया था। एनडीटीएल प्रतिबंधित पदार्थ (स्टेराइड) का पता लगाने में विफल रही थी जो उनके नमूने में मौजूद था। यह नमूना गुवाहाटी में जून 2018 में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैम्पियनशिप के दौरान नाडा अधिकारियों ने लिया था। यह भी ध्यान दे की संदीप कुमारी ने 58.41 मीटर के थ्रो से स्वर्ण पदक जीता था।

विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के बारे में :-

# विश्व डोपिंग विरोधी एजेंसी (वाडा) अंतरराष्ट्रीय खेलों में ड्रग्स के बढ़ते चलन को रोकने के लिए बनाई गयी एक विश्वस्तरीय स्वतंत्र संस्था है।

# अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा वाडा की स्थापना 10 नवंबर1999 को स्विट्जरलैंड के लुसेन शहर में की गई थी।

# वर्तमान में वाडा का मुख्यालय कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में है।

# यह संस्था विश्व भर में वैज्ञानिक शोध, एंटीडोपिंग के विकास की क्षमता में वृद्धि और दुनिया भर में विश्व एंटी डोपिंग कोड पर अपनी निगाह रखती है।

# वाडा हर साल प्रतिबंधित दवाओं की सूची जारी करता है, जिनके विश्व के तमाम देशों में खेलों के दौरान प्रयोग पर रोक होती है।

# विश्व एंटी डोपिंग कोड का अनुपालन पहली बार साल 2004 के एथेंस ओलंपिक में किया गया था।

# विश्व के लगभग 600 खेल संस्थाओं ने ड्रग्स से जुड़ी संहिता को स्वीकार किया है।

# अभी दुनिया में वाडा से मान्यता प्राप्त 35 प्रयोगशालाएं हैं, जहां ड्रग्स लेने वाले के नमूनों की जांच और इसे रोकने हेतु अनुसंधान होते हैं।

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