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तेलंगाना के किन्नरसनी अभयारण्य के लिए पर्यावरण बहाली परियोजना की घोषणा की गयी |

तेलंगाना के किन्नरसनी अभयारण्य के लिए पर्यावरण बहाली परियोजना की घोषणा की गयी |



0000-00-00 : 18 मार्च 2014 को पलवंचा के वन्यजीव प्रबंधन ने तेलंगाना के किन्नरसनी अभयारण्य के लिए पर्यावरण -बहाली परियोजना की घोषणा की गयी | 60 लाख रुपयों की अनुमानित लागत के साथ परियोजना का कार्यान्वयन कोथागुडम मंडल में किन्नरसनी वन्यजीव अभयारण्य सीमाओँ के तहत 716 हेक्टेयर भूमि पर लागू की जाएगी | परियोजना का उद्देश्य : इस परियोजना का उदेश्य यह है की मानवीय हस्तक्षेप की वजह से पारिस्थितिकी को हुए नुकसान की भरपाई करना और अभयारण्य में क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना होगा | किन्नरसनी अभयारण्य के पारिस्थितकी को बहाल करने के क्रम में कुल 26 हिरणों को तीन विभिन्न पार्कों से पारिस्थितिकी-बहाली परियोजना स्थल पर स्थानांतरित कर दिया और सुरक्षा सावधानियों औऱ नियमों के सख्त पालन के साथ इन्हें चरणबद्ध तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया | इसके अलावा एक योजना किन्नरसनी हिरण पार्क से कुछ और हिरणों को उसके निर्धारित क्षमता से परे पार्क में हिरण की आबादी को ध्यान में रखते हुए चिंटोनिचेलका के परियोजना स्थल पर भेजने के लिए विचाराधीन है | किन्नरसनी अभयारण्य के बारे में कुछ तथ्य : किन्नरसनी वन्यजीव अभयारण्य तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित है | यह अभयारण्य 635.40 वर्ग किलोमीटर ( 157, 010 एकड़) में फैला है | इसमें अभयारण्य के बीच में घने जंगल के द्वीपों वाला सुरम्य किन्नरसनी झील भी है | यह अभयारण्य चीतल, चिंकारा, चौसिंघा, सांभर, जंगली सुअर, गौड़, हायना, जैकल, तेंदुआ, स्लोथ बीयर (आलसी भालू), बाघ और ब्लैक बग जैसे जानवरों का घर है | मोर, जंगली मुर्गा, क्वेल, कोयल, तीतर, नुकतस, स्पूनबिल्स और कबूर जैसे पक्षियों की प्रजातियां अभयारण्य के आम पक्षी हैं |

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