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शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट में सांप की नई ‘ब्लैक शिल्डटेल’ प्रजाति की खोज की|

शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट में सांप की नई ‘ब्लैक शिल्डटेल’ प्रजाति की खोज की|





2016-03-08 : हाल ही में, शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट की सहयाद्री पर्वत श्रृंखला में सांप की नई ब्लैक शिल्डटेल प्रजाति की खोज की। चार वैज्ञानिकों की टीम ने सांप की ऐसी प्रजाति को खोज की जो 144 वर्ष के दौरान वहां दिखाई नहीं दी थी। इस सांप का नाम भारतीय सर्प विज्ञान संस्था के संस्थापक नीलम कुमार खैरे के नाम पर रखा गया। यह अनुसंधान हाल ही में साइंटिफिक जर्नल, जूटाक्षा में प्रकाशित हुआ।

जानकारी हेतु हमारे पाठकों को बता दे की इस सांप को ‘ब्लैक शील्डटेल’ के रूप में भी जाना जाता है। इससे पहले इसकी तीन प्रजातियों का ही पता था नीले और चमकीले रंग के कृष्ण वर्णीय सांप की यह पहली प्रजाति है। यह महाराष्ट्र, गोवा और उत्तरी कर्नाटक में पाया जाता है। आमतौर पर इसका आकार छोटा होता है, अब तक देखे गए सबसे लंबे सांप की लंबाई 550 मिलीमीटर थी।

ब्लैक शिल्डटेल के बारे में :-

# यह कृष्ण वर्णीय (चमकीले नीले और काले रंग) और बिना जहर वाला सांप है।

# यह पश्चिमी घाटी के दक्षिण महाराष्ट्र, गोवा, उत्तर कर्नाटक, सहयाद्री पर्वतमाला के जंगलों में पाया जाता है।

# अब तक इस प्रकार के सांपों की चार प्रजातियां मिली हैं।

# इस प्रजाति के सांप की लंबाई 1.5 फिट तक होती है।

# जमीन में बिल बनाते हैं और अधिकतर समय भूमिगत ही रहते हैं और कीड़े-मकोड़े खाते हैं। ।

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