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पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में आज़ादी के बाद पहली बार मतदान हुआ|

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में आज़ादी के बाद पहली बार मतदान हुआ|





2016-05-05 : पश्चिम बंगाल का कूचबिहार जिला पहली बार मई 2016 में चर्चा में आया। पूर्वी हिमालय के निचले क्षेत्र में स्थित यह जिला उस समय चर्चा में रहा जब इस क्षेत्र के 51 एन्क्लेव को वर्ष 1947 में आज़ादी के बाद पहली बार मतदान करने का अधिकार दिया गया। इन एन्क्लेवों में रहने वाले 9000 लोग 5 मई 2016 को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कूचबिहार के 51 जिलों को 31 जुलाई 2015 तक नो मैन्स लैंड के रूप में जाना जाता था। इससे पहले इस क्षेत्र पर न तो भारत और न ही बांग्लादेश का अधिकार था। परिणामस्वरूप इस क्षेत्र के नागरिकों को किसी एक देश के पूर्ण अधिकार प्राप्त नहीं थे।

यह परिक्षेत्र 31 जुलाई 2015 को दोनों देशों के बीच औपचारिक रूप से भूमि सीमा समझौता-1974 लागू होने पर देश का भाग बन गये। इस दिन भारत एवं बांग्लादेश के 162 एन्क्लेव हस्तांतरित किये गये। इस समझौते के अनुसार, 51 बांग्लादेशी एन्क्लेव (7110 एकड़) भारत के कूचबिहार (बांग्लादेश) क्षेत्र में स्थित हैं जबकि भारत के 111 एन्क्लेव (17160 एकड़) बांग्लादेश की सीमा में हस्तांतरित किए गये। यह 51 एन्क्लेव दिनहाता, मेक्लिगंज, सिताई, सीतालकुची एवं तूफ़ानगंज विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद हैं।

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