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दूसरों के खातों में कालाधन जमा कराने वालों को 7 साल की कैद का प्रावधान

दूसरों के खातों में कालाधन जमा कराने वालों को 7 साल की कैद का प्रावधान





2016-11-22 : आयकर विभाग ने अपनी अघोषित राशि दूसरों के बैंक खातों में जमा करवाने लोगों के प्रति 7 साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान किया है। विभाग ने इस मामले में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बेनामी लेनदेन कानून के तहत आरोप लगाने का फैसला किया है। सरकार ने 8 नवंबर को 500 व 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की। इसके बाद बैंक खातों में भारी नकदी जमा कराये जाने के मामलों की पड़ताल के तहत देश भर में अभियान चलाया। ऐसे मामलों में संदेह सही पाये जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह कानून चल व अचल, दोनों संपत्तियों पर लागू होता है।

इस कानून के तहत राशि जमा कराने वाले व जिसके खाते में जमा हुई, दोनों को पकड़ा जा सकता है। सीबीडीटी ने आयकर विभाग को निर्देशित किया है कि वह उन मामलों पर कड़ी निगरानी रखे जिनमें 500 व 1000 रुपये के पुराने मुद्रा नोटों का इस्तेमाल करते हुए अपने कालेधन को वैध बनाने व छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खातों के इस्तेमाल का संदेह हो।

विभाग ऐसे मामलों में बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करेगा। सर्वप्रथम उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे जिनमें 2।50 लाख रुपये की सीमा से अधिक बड़ी राशि में धन जमा कराया गया हो। कम राशि वाले उन मामलों की भी जांच की जाएगी जिनमें बैंक या वित्तीय आसूचना इकाई संदिग्ध लेनदेन की शिकायत करेंगे।

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