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थाईलैंड की राजकुमारी महा चक्री सिरिनधर प्रथम विश्व संस्कृत पुरस्कार से सम्मानित की गयी

थाईलैंड की राजकुमारी महा चक्री सिरिनधर प्रथम विश्व संस्कृत पुरस्कार से सम्मानित की गयी





2016-11-23 : हाल ही में, थाईलैंड की राजकुमारी महा चक्री सिरिनधर को 21 नवंबर 2016 को पहले विश्व संस्कृत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें वर्ष 2015 में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए किए गए अनुकरणीय योगदान हेतु इस सम्मान से सम्मानित किया गया है। दूसरी तरफ अमेरिकी भाषाविद् और भारतविद् प्रोफेसर जॉर्ज कारडोना को भी सम्मानित किया गया। उन्हें वर्ष 2016 के लिए सम्मान मिला। नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने राजकुमारी सिरिनधर और प्रोफेसर कारडोना को इस सम्मान से सम्मानित किया। विश्व संस्कृत पुरस्कार की स्थापना भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) द्वारा की गई थी।

महा चक्री सिरिनधर के बारे में :-

# राजकुमारी महा चक्री सिरिनधर थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज की दूसरी बेटी हैं।

# 5 दिसंबर 1977 को हुए एक समारोह में उन्हें राजकुमारी के पद्वी से सम्मानित किया गया था।

# वे चुलाखोमकलाओ रॉयल मिलिट्री अकेडमी के इतिहास विभाग में पढ़ाती हैं।

# वे थाई, अंग्रेजी, फ्रांसिसी और चीनी भाषा धाराप्रवाह बोलती हैं। फिलहाल वे जर्मन और लातिन भाषा का अध्ययन कर रही हैं।

# इसके अलावा वे कुशल कलाकार और थाईलैंड की परंपरागत संगीत की उत्सुक प्रोत्साहक भी हैं।

# वर्ष 2004 में, उन्हें इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

# वे 2015 में बैंकॉक में आयोजित किए गए 16वें विश्व संस्कृत सम्मेलन की शाही संरक्षक भी थीं।

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