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बिहार सरकार द्वारा 50 साल से ऊपर के अध्यापकों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति का निर्णय लिया गया

बिहार सरकार द्वारा 50 साल से ऊपर के अध्यापकों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति का निर्णय लिया गया





2017-08-04 : बिहार सरकार ने संतोषजनक काम नहीं कर रहे 50 साल के ऊपर के प्रधानाध्यापकों, अध्यापकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नी‍तीश कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि संतोषजनक प्रदर्शन नहीं करने वाले संस्थानों पहचान की जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।

इस साल बिहार बोर्ड के मैट्रिक और इंटर में हुए ख़राब रिजल्ट के बाद इस पर पहले ही विचार किया गया था। इंटर परीक्षा में जीरो रिजल्ट लाने वाले स्कूलों के 50 साल से अधिक उम्र के टीचरों को सरकार अनिवार्य सेवानिवृत्ति देगी। जीरो रिजल्ट वाले जिलों में तैनात शिक्षा विभाग के अफसरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।

बिहार में इस बार ग्रेस मार्क्स मिलने के बावजूद 50.32 प्रतिशत स्टूडेंस पास हुए। यानी आधे स्टूडेंट्स (49 प्रतिशत) फेल हो गए हैं। 10वीं में 51.37 प्रतिशत छात्र और लगभग 40 फीसदी छात्राएं पास हुईं। पिछले साल का रिजल्ट इससे भी खराब रहा था। 2016 में महज 44.66 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए थे।

बता दे की इस वर्ष बिहार में 12वीं कक्षा के परिणाम निराशाजनक रहे थे। इस साल साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम में परीक्षा में शामिल हुए कुल 12,40,168 विद्यार्थियों में से केवल 35 प्रतिशत ही पास हुए थे, यानि 4,37,115 छात्र उत्तीर्ण हुए और बाकी फेल हो गए।

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