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कृष्णा कुमारी बनी पाकिस्‍तान की पहली महिला दलित हिन्दू सीनेटर

कृष्णा कुमारी बनी पाकिस्‍तान की पहली महिला दलित हिन्दू सीनेटर





2018-03-04 : हाल ही में, पाकिस्तान में कृष्णा कुमारी ने नया इतिहास रच दिया है। कृष्णा कुमारी पाकिस्तान की ‘पहली महिला दलित हिन्दू’ सीनेटर (राज्यसभा सांसद) बनी हैं। पाठकों को बता दे की पाकिस्तान की ‘पहली महिला हिन्दू’ मेंबर ऑफ़ नेशनल एसेंबली (लोकसभा सांसद) रीता ईश्वर लाल हैं, जो 2013 में महिलाओं के लिए रिज़र्व सिंध की NA-319 सीट से चुनी गईं। रत्ना भगवान दास चावला पाकिस्तान की पहली महिला हिन्दू सीनेटर (2006-2012) रह चुकी हैं पर वे दलित हिन्दू नहीं थीं। इन्हें भी PPP ने ही सीनेटर बनाया था।

सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की तरफ से पाकिस्तान के सिंध प्रांत में थार से कृष्णा कुमारी मुस्लिम देश में ‘पहली महिला दलित हिन्दू’सेनेटर बनीं। बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टी पीपीपी ने अल्पसंख्यकों के लिए सीनेट की एक सीट पर उन्हें नामांकित किया था। कृष्णा और उनके भाई पछले कुछ वक़्त से एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पीपीपी से जुड़े थे। बाद में उनके भाई को यूनियन काउंसिल बेरानो का चेयरमैन चुना गया।

आपको बता दें कि पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को अनंतिम परिणामों के अनुसार सीनेट में 15 सीटों पर जीत हासिल हुई। इस जीत के साथ ही वह संसद के उच्च सदन में सबसे बडी़ पार्टी बनकर उभरी है। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के मुताबिक प्रांतीय एवं संघीय जन प्रतिनिधियों ने 52 सीनेटरों के चुनाव के लिए मतदान किया। इसके लिए मतदान नौ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चला। इस चुनाव में 130 से ज्यादा उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। चुनाव में विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार सहित स्वतंत्र उम्मीदवार भी हिस्सा ले रहे थे।

पीएमएल-एन को 15 सीटों पर जीत हासिल हुई है, जिनमें से 11 पंजाब से हैं जबकि दो-दो सीटें खैबर पख्तुनख्वा और संघीय राजधानी की हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) को 12 सीटें मिली हैं, जबकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को छह सीटों पर जीत हासिल हुई। स्वतंत्र उम्मीदवारों को 10 सीट पर जीत हासिल हुई। चुनाव हारने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में मौलाना सैमूल हक भी हैं। हक को तालिबान का गॉडफादर माना जाता है। खैबर-पख्तुन्ख्वा विधानसभा से हक को सिर्फ चार वोट मिले।पीएमएल-एन के पास पहले से ही सीनेट में 18 सीटें थी और वह अब 33 सीटों के साथ सीनेट में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

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