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जे. एस. राजपूत यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड में भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर नामित किये गये

जे. एस. राजपूत यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड में भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर नामित किये गये





2018-03-26 : हाल ही में, केंद्र सरकार ने 25 मार्च 2018 को एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक प्रोफेसर जे. एस. राजपूत को यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड में भारत के प्रतिनिधि के तौर पर नामित करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर 30 अक्टूबर से 4 नवंबर 2017 के दौरान यूनेस्को की आम सभा में भाग लेने के दौरान यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड में भारत की सदस्यता के लिये अन्य देशों के मंत्रियों से भेंट कर उनका सहयोग मांगा था। ध्यान दे की यूनेस्को के कार्यकारी बोर्ड में 58 सीटें होतीं है और कार्यकाल 4 वर्ष का होता है। कार्यकारी बोर्ड यूनेस्को का एक संवैधानिक अंग है जिसे आम सभा के द्वारा चुना जाता है।

यूनेस्को के बारे में :-

# संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) “संयुक्त राष्ट्र संघ” का एक घटक है, जिसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय शांति तथा समझबूझ को बढ़ावा देना है।

# यूनेस्को की स्थापना वर्ष 1945 में की गई थी। संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अन्य अभिकरणों में मानव विकास को बढ़ावा देने को शांति की संस्कृति का एक महत्त्वपूर्ण घटक समझा जाता है।

# इसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है। यूनेस्को के परवर्ती कार्यक्रमों तथा बजटों को अनुमोदित करने हेतु वर्ष में दो बार यूनेस्को की आम बैठक आयोजित की जाती है।

जे. एस. राजपूत के बारे में :-

# राजपूत एक सुप्रसिद्ध शिक्षा शास्त्री हैं।

# राजपूत वर्ष 1974 में एनसीईआरटी में प्रोफेसर नियुक्त हुए थे और वर्ष 1999 से वर्ष 2004 तक इसके निदेशक भी रहे।

# वे इससे पूर्व वर्ष 1994 से वर्ष 1999 तक राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के भी अध्यक्ष रहे थे।

# उन्हें वर्ष 2014 में पद्मश्री से भी नवाजा जा चुका है।

# राजपूत स्कूली शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण में अपने योगदान के लिये जाने जाते हैं।

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