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शशांक मनोहर बने ICC के प्रथम स्वतंत्र अध्यक्ष|

शशांक मनोहर बने ICC के प्रथम स्वतंत्र अध्यक्ष|





2016-05-12 : हाल ही में, 12 मई 2016 को शशांक मनोहर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के दिन बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का पहला स्वतंत्र चेयरमैन चुन लिया गया। निर्विरोध चुने गए मनोहर दो साल के लिए इस पद को संभालेंगे जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। मनोहर को निर्विरोध आईसीसी का नया स्वतंत्र चेयरमैन चुना गया है। नए आईसीसी नियमों के मुताबिक उसका चेयरमैन एक स्वतंत्र उम्मीदवार होना जरूरी है जो किसी अन्य क्रिकेट बोर्ड से जुड़ा न हो।

बीसीसीआई का दो दिन पहले अध्यक्ष पद छोड़ने के साथ ही मनोहर वैश्विक संस्था में इस पद के लिए योग्य हो गए थे। हालांकि उन्होंने आईसीसी में जाने के लिए भारतीय बोर्ड छोड़ने की बात से इनकार किया था। चुनावी प्रक्रिया के मुताबिक आईसीसी के सभी निदेशकों को एक एक उम्मीदवार को नामित करने की अनुमति है जिसे आईसीसी का मौजूदा या पूर्व निदेशक होना जरूरी है।

आईसीसी ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा, “वैश्विक संस्था के पूर्णकालिक निदेशकों में दो या उससे अधिक के समर्थन वाला उम्मीदवार चुनाव लड़ने के योग्य होगा जो 23 मई को कराया जाना है।” आईसीसी ने कहा, “क्योंकि मनोहर आईसीसी चेयरमैन पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार ही थे और बोर्ड ने भी उनका सर्वसम्मति से समर्थन किया है इसलिए स्वतंत्र ऑडिट समिति के प्रमुख और इस पद के लिए संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रहे अदनान जैदी ने इस प्रक्रिया को संपन्न करार देते हुए मनोहर को आईसीसी का नया स्वतंत्र चेयरमैन चुन लिया है।”

पेशे से वकील मनोहर बीसीसीआई के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्ष 2008 से 2011 में इस पद को संभालने के बाद उन्हें जगमोहन डालमिया के अचानक निधन के बाद फिरसे भारतीय बोर्ड का प्रमुख चुना गया और वह अक्टूबर 2015 से मई 2016 तक इस पद पर रहे। बीसीसीआई में अपने पद पर रहते हुए वह आईसीसी में भारतीय प्रतिनिधि भी बने और इसी नाते वह खुद ही आईसीसी के चेयरमैन भी बने।

आईसीसी के नये चेयरमैन ने कहा, “यह वैश्विक संस्था के लिए बहुत अच्छा समय है क्योंकि हम 2014 के संविधान में सुधार की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं जिसका लक्ष्य न सिर्फ संचालन के ढांचे को मजबूत करना है बल्कि क्रिकेट के ढांचे को भी मजबूत करना भी है। हमारा लक्ष्य क्रिकेट के खेल को विकसित करना है ताकि युवा और नई पीढ़ी, फैन्स और इस खेल से जुड़े तमाम पक्ष क्रिकेट के भविष्य को और सुधार कर सकें। यह ऐसा खेल है जिसका बहुत ही खूबसूरत इतिहास रहा है।”

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