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उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ओंगोल नस्ल की गाय को संरक्षित करने का आह्वान किया

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने ओंगोल नस्ल की गाय को संरक्षित करने का आह्वान किया





2019-05-21 : हाल ही में, भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने 20 मई 2019 को ओंगोल नस्ल की गाय को रक्षा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह नस्ल पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रही है और हमें इसे बचाने की जरूरत है। उपराष्ट्रपति ने विजयवाड़ा स्थिति स्वर्ण भारत न्यास में आयोजित एक कार्यक्रम में ओंगोल नस्ल की गाय पर एक विवरणिका भी जारी की। यह विवरणिका 1200 पेजों की है। इसमें साल 1885 से साल 2016 तक पशु इतिहास दिया गया है। पुस्तक में ओंगोल गाय पर किये जाने वाले अनुसंधान को भी शामिल किया गया है।

ओंगोल नस्ल की गाय के बारे में :-

# ओंगोल पशु आन्ध्र प्रदेश के नेल्लोर कृष्णा, गोदावरी और गुन्टूर जिलों में पाए जाते है।

# आंध्रप्रदेश के ओंगोल क्षेत्र में उत्पन्न होने के कारण इसे ओंगोल नाम दिया गया है।

# ओंगोले गाय उचित मात्रा में दूध देती हैं। ये गाये प्रतिदिन 3 लीटर से 8 लीटर तक दूध देती है।

# ओंगोले नस्ल के जानवरों को बड़े पैमाने पर अमेरिका और ब्राज़ील में निर्यात किया गया है।

# बता दे की भारत में गायों की 37 नस्लें पायी जाती है, जिनमें साहीवाल, गिर, लाल सिंधी, थारपारकर और राठी सर्वाधिक दूध देने वाली नस्लें हैं।

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