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वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से सबसे दूर स्थित आकाशगंगा की खोज की |

वैज्ञानिकों ने पृथ्वी से सबसे दूर स्थित आकाशगंगा की खोज की |



0000-00-00 : खगोल वैज्ञानिकों के अंतरराष्ट्रीय दल ने 13.2 अरब वर्ष पुरानी आकाशगंगा जेड 8 जीएनडी 5296 की खोज की । अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की यह नवीनतम रिपोर्ट प्रसिद्ध विज्ञान पत्रिका नेचर के सितंबर 2015 अंक में प्रकाशित हुई है । यह पृथ्वी से अनुमानतः 30 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित है । अमेरिकी शोधकर्ताओं ने इस आकाशगंगा को नासा की हब्बल स्पेस दूरबीन (एचएसटी) की सहायता से खोजा है जिसकी पुष्ट हवाई द्वीप स्थित खगोलीय वेधशाला ने की है ।

खगोल वैज्ञानिकों के दल का नेतृत्व कर रहे स्टीवन फिनकेलस्टीन ने अपनी इस खोज के बारे में बताते हुए कहा कि यह अब तक की खोजी गई सबसे दूर स्थित आकाशगंगा है । आकाशगंगा की निर्माण प्रक्रिया अर्थात बिग बैंग महाविस्फोट के 70 करोड़ वर्ष बीत जाने के बाद इस आकाशगंगा की खोज की गई है । रिपोर्ट के अनुसार ब्रह्मांड का लगातार विस्तार हो रहा है और इसमें मौजूद सभी चीजें लगातार गतिशील हैं । प्रकाश की तरंगों में लगातार खिंचाव उत्पन्न हो रहा है जिसके कारण यह चीजें वास्तविक रूप से अधिक चमकदार नजर आती है ।

वैज्ञानिकों के अनुसार इस आकाशगंगा के वर्ण प्रकीर्णन अर्थात रेड शिफ्ट की दर 7.51 है । इससे पूर्व यह दर 7.21 थी । प्रोफेसर फिनकेलस्टीन के अनुसार इसका निर्माण भी अन्य आकाशगंगा की भांति गैस और धूल कण की सहायता से हुआ है । आकाशगंगा जेड 8जीएनडी 5296 की यह विशेषता है कि यह हमारी आकाशगंगा से भी कई गुणा अधिक दर से न केवल तारों का निर्माण कर रही है बल्कि इन तारों को खुद में समाहित भी करती जा रही है । वैज्ञानिको के अनुसार इस आकाशगंगा की खोज के बाद वैज्ञानिकों को आकाशगंगाओं के भौतिक स्वरूप, उत्पत्ति और उनके केन्द्र विकास के अध्ययन में व्यापक मदद मिलेगी ।

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