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मार्सेलो रेबेलो डी सूजा ने पुर्तगाल का राष्ट्रपति चुनाव जीता|

मार्सेलो रेबेलो डी सूजा ने पुर्तगाल का राष्ट्रपति चुनाव जीता|





2016-01-26 : हाल ही में, 24 जनवरी 2016 को मार्सेलो रेबेलो डी सूजा ने पुर्तगाल का राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया। सेंटर– राइट सोशल डेमोक्रेट उम्मीदवार और भूतपूर्व पत्रकार डिसूजा ने चुनाव में 52 फीसदी मत हासिल कर जीत दर्ज की। अक्टूबर 2015 में हुए अनिर्णायक संसदीय मतदान के बाद इस नतीजे से राजनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलने की संभावना है। उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी एंटोनियो सैमपैयो डा नोवाओ, ने करीब 23 फीसदी मत हासिल करने के बाद अपनी हार मान ली। वाम ब्लॉक के उम्मीदवार मरीसा मतीअस को 10 फीसदी मत मिले थे। डिसूजा, जो "प्रोफेसर मार्सेलो" के नाम से लोकप्रिय हैं और 67 वर्ष के हैं, एक समय सेंटर– राइट सोशल डेमोक्रेट्स के नेता थे। वे राष्ट्रपति अनिबल कावाको सिल्वा का स्थान लेंगें। इससे पहले अक्टूबर 2015 में हुए राष्ट्रपति चुनावों में, सेंटर– राइट गठबंधन ने सबसे अधिक मत जीते लेकिन नवंबर 2015 में इन्होंने अपना समग्र बहुमत खो दिया। इनका स्थान लेफ्ट– विंग पार्टीज के गठबंधन ने लिया जिसने उनके संसद में मितव्ययिता कार्यक्रम को खारिज कर दिया था।

पुर्तगाल में राष्ट्रपति चुनाव के बारे में :-

साल 1976 में अपनाए गए पुर्तगाली संविधान के तहत 1974 के कार्नेशन रेवल्यूशन के मद्देनजर सरकार का प्रारूप "अर्ध– राष्ट्रपति" प्रणाली का है। इसका मतलब है कि, हालांकि पुर्तगाल में राष्ट्रपति एक विधि द्वारा स्थापित पद है लेकिन पदस्थ व्यक्ति राजनीतिक अस्थिरता के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उसके पास संसद को भंग करने और प्रधानमंत्री को हटाने की शक्ति होती है। राष्ट्रपति पांच वर्ष की कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं और उनके कार्यकाल की संख्या सीमित नहीं है।लगातार दो कार्यकाल पूरा करने वाले राष्ट्रपति, दूसरा कार्यकाल पूरा होने या इस्तीफा देने के अगले पांच वर्षों के लिए फिर से कार्यभार नहीं संभाल सकते।

पुर्तगाली राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास बेलेम पैलेस है। राष्ट्रपति का चयन दो– दौर प्रणाली में होता हैः अगर किसी भी उम्मीदवार को पहले दौर में 50% मत नहीं मिलता, तो सबसे अधिक मत पाने वाले दो उम्मीदवार दो सप्ताह के बाद आयोजित होने वाले दूसरे दौर में मुकाबला करते हैं। अभी तक दूसरे दौर की जरूरत सिर्फ एक बार ही पड़ी है, वह भी 1986 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान।

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