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भारत और कनाडा ने यूरेनियम आपूर्ति के लिए परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए गये |

भारत और कनाडा ने यूरेनियम आपूर्ति के लिए परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए गये |



0000-00-00 : भारत और कनाडा ने 15 अप्रैल 2015 को भारत को यूरेनियम आपूर्ति मुहैया कराने के लिए एक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए गये | समझौता भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर द्वारा किया गया | प्रधानमंत्री मोदी कनाडा में तीन दिन के सरकारी दौरे पर है | प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा पिछले 42 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा पहली यात्रा है | समझौता इस प्रकार हुआ : समझौते के अनुसार केनेडियन केमेको कोर्पोरेशन 2020 तक भारत को 7.1 लाख पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगा | तथा समझौते की कीमत 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर है | यूरेनियम केमेको के उत्तरी सेसकेशेवन स्त्रोतों से दिया जाएगा | केमेको कोर्पोरेशन विश्व का सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक है | वह 2015 के अंत में भारत को पहली खेप देगा तथा इसकी कीमत यूरेनियम के तत्कालीन बाजार मूल्य पर आधारित होगी | भारत के लिए महत्व की बाते : यह समझौता वर्ष 2013 में हुए परमाणु समझौते का ही हिस्सा है तथा यह भारत के लिए रणनीतिक व आर्थिक रूप से महत्व रखता है | वर्तमान समय में भारत का ऊर्जा उपभोग के लिए विश्व में चौथा स्थान है तथा वह अपनी कुल बिजली उत्पादन का 3 प्रतिशत परमाणु ऊर्जा द्वारा प्राप्त करता है | उर्जा योजना के तहत भारत इस आंकड़े को 2050 तक 25 प्रतिशत करना चाहता है | इस समझौते से भारत तथा कनाडा के बीच द्विपक्षीय सहयोग मजबूत होगा | एवं भारत द्वारा 1970 के दशक में परमाणु बम का परीक्षण किये जाने के बाद कनाडा ने भारत को किसी भी प्रकार के यूरेनियम तथा परमाणु निर्यात किये जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था |

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