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क़तर ने विवादास्पद कफाला नियमों को समाप्त किया

क़तर ने विवादास्पद कफाला नियमों को समाप्त किया





2016-12-16 : हाल ही में, क़तर के श्रम मंत्री इस्सा साद अल-जफाली द्वारा 13 दिसंबर 2016 से कफाला नियमों को समाप्त करने की घोषणा की गयी। इन्हें क़तर द्वारा देश के सबसे बड़े श्रम सुधारों में से एक माना जा रहा है। वर्ष 2022 में क़तर द्वारा फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी किये जाने को भी इन सुधारों का एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। क़तर में लगभग 21 लाख विदेशी श्रमिक कार्यरत हैं जिन्हें कफाला नियमों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब कफाला नियमों के स्थान पर अनुबंध आधारित प्रणाली को लाया जा रहा है।

कफाला नियम के बारे में :-

# कफाला के तहत विदेशी कामगारों को क़तर में काम करने के लिए एक स्थानीय प्रायोजक की आवश्यकता होती है। यह प्रायोजक कोई एक व्यक्ति अथवा किसी कम्पनी को भी माना जा सकता है।

# बिना प्रायोजक के विदेशी कामगार क़तर में कार्यरत नहीं रह सकते।

# कफाला के कारण कामगारों के अधिकारों का हनन भी किया जाता है।

# प्रयोजकों द्वारा आये दिन कामगारों से प्रयोजन वापिस लेने की धमकी देते हुए उनके अधिकारों का हनन किया जाता है।

# इस नियम के तहत प्रायोजक की अनुमति के बाद ही विदेशी कामगार नौकरी छोड़ अथवा बदल सकते हैं।

# आरोप है कि प्रायोजक कामगारों के पासपोर्ट जब्त कर लेते हैं तथा उन्हें बंधुआ मजदूरों की भांति काम करने पर मजबूर किया जाता है।

# नए नियम आने से इन हालातों में सुधार होने की उम्मीद है, जो प्रायोजक लोगों के पासपोर्ट जब्त कर लेते थे उन पर पहले 15 हजार रियाल का जुर्माना लगाया जाता था। नए नियम आने पर इन लोगों अथवा कम्पनियों पर 25 हज़ार रियाल का जुर्माना लगाया जायेगा।

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