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भारत और जर्मनी ने सतत शहरी विकास में सहयोग हेतु समझौते पर हस्ताक्षर किये

भारत और जर्मनी ने सतत शहरी विकास में सहयोग हेतु समझौते पर हस्ताक्षर किये





2018-08-02 : हाल ही में, भारत और जर्मनी ने 01 अगस्त 2018 को वित्तीय और तकनीकी सहयोग हेतु एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में शहरी विकास पर प्रमुखता से जोर दिया गया है। समझौते पर जर्मन सरकार की ओर से वहां के राजदूत डॉ. मार्टिन नेय और भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव समीर खरे ने हस्ताक्षर किए। समझौता मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और जर्मनी के बीच सहयोग को प्राथमिकता देता है। यह समझौता ज्ञापन स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी गतिशीलता के प्रचार में सतत शहरी विकास में सहयोग पर केंद्रित है।

द्विपक्षीय समझौते से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी और इस तरह के उत्सर्जन को रोकने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में भारत को भी सहायता मिलेगी। दिसंबर 2017 में, जर्मनी ने भारत-जर्मन अंतर-सरकारी वार्ता के दौरान भारत के साथ विकास सहयोग के लिए लगभग 8,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि का वचन दिया था।

फरवरी 2018 में आवास मंत्रालय और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्रालय और जर्मन विकास एजेंसी (जीआईजेड) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए ताकि शहरी बुनियादी सेवाओं और चुनिंदा शहरों में आवास और भारत के स्मार्ट शहरों में आवास प्रदान करने के लिए अवधारणाओं को विकसित किया जा सके। जीआईजेड परियोजना के लिए आठ मिलियन यूरो तक योगदान करने पर सहमत हो गया था जो तीन साल की अवधि के लिए बना रहेगा। कुल मिलाकर, वर्ष 2018 भारत और जर्मनी के बीच 60 वर्षों के द्विपक्षीय विकास सहयोग का परिचायक है।

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