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RBI ने नंदन नीलेकणि को डिजिटल पेमेंट समिति का चेयरमैन बनाया

RBI ने नंदन नीलेकणि को डिजिटल पेमेंट समिति का चेयरमैन बनाया





2019-01-08 : हाल ही में, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 08 जनवरी 2019 को डिजिटल पेमेंट को बेहतर तरीके से देश में लागू करने और सुविधा को बढ़ाने के लिए नई समिति बनाई है। इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि को इस समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। नीलेकणि की अध्यक्षता में समिति को 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। विदित हो कि देश में आधार को लागू कराने का श्रेय नंदन नीलेकणि को ही जाता है। वे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।

डिजिटल पेमेंट समिति के बारे में :-

# नंदन नीलेकणि के अलावा समिति में सीआईआईई के चीफ इनोवेशन ऑफिसर संजय जैन, विजया बैंक के पूर्व सीईओ किशोर सांसी, मिनिस्ट्री ऑफ इन्फोरमेशन के मुख्य सचिव अरुणा शर्मा को शामिल किया गया है।

# पांच सदस्यों वाली इस समिति का काम देश में डिजिटल पेमेंट को तेजी से आगे बढ़ाना है।

# रेग्युलेटर को क्या कदम उठाने चाहिए? उपभोक्ताओं के पैसों को सुरक्षित रखने के लिए क्या करना होगा? इंटरनेट बैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाने होंगे यह समिति इन्हीं विषयों पर काम करेगी।

नंदन नीलेकणि के बारे में :-

# नंदन नीलेकणि को आधार को भारत में लागू करने पर विशिष्ट पहचान मिली है।

# नीलेकणि ने देश के हर नागरिक को एक विशिष्ठ पहचान संख्या या यूनिक आइडेंटीफिकेशन नंबर प्रदान करने की भारत सरकार के योजना को सफलतापूर्वक लागू किया है।

# भारत सरकार ने उन्हें 2006 में विज्ञान और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया है।

# उन्हें टोरंटो यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट ऑफ लॉ की उपाधि मिली है।

# प्रसिद्ध पत्रिका टाइम मैगजीन ने नीलेकणि को दुनिया के 100 ऐसे लोगों में शामिल किया, जो सबसे ज्यादा प्रेरणादायक थे।

# वर्ष 2006 के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में नीलेकणि सबसे युवा उद्यमी थे, जो दुनिया 20 टॉप ग्लोबल लीडर्स मंे शामिल हुए थे।

# वर्ष 1982 में इंफोसिस की संस्थापना करने वाले नीलेकणि मार्च 2002 से जून 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक के तौर पर काम करते रहे और फिर उन्हें कंपनी बोर्ड का सह अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

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