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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन





2019-08-07 : हाल ही में, 06 अगस्त 2019 को भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन हो गया है। 67 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का व्यक्तित्व बेहद शानदार था। 25 साल की उम्र में मंत्री बनने वाली सुषमा ने अपने राजनीतिक करियर में कई रिकॉर्ड्स कायम किए। सुषमा ने 1970 में ही छात्र राजनीति की शुरुआत कर दी थी। उनके पिता हरदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे। सुषमा ने 1970 में ही छात्र राजनीति की शुरुआत कर दी थी। उनके पिता हरदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे।

सुषमा स्वराज के बारे में :-

# सुषमा ने 1970 में ही छात्र राजनीति की शुरुआत कर दी थी। उनके पिता हरदेव शर्मा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख सदस्य थे।

# उनकी छात्र राजनीति जीवन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ शुरू हुआ। उन्होंने कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका अदा की। उनकी छात्र राजनीति जीवन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के साथ शुरू हुआ। उन्होंने कई आंदोलनों में सक्रिय भूमिका अदा की।

# पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल करने वाली सुषमा ने महज 21 साल की उम्र में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल करने वाली सुषमा ने महज 21 साल की उम्र में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी।

# आपातकाल के दौरान सुषमा ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महज 25 साल की उम्र में वो हरियाणा विधानसभा में चुनकर पहुंची थीं। आपातकाल के दौरान सुषमा ने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महज 25 साल की उम्र में वो हरियाणा विधानसभा में चुनकर पहुंची थीं।

# हरियाणा कैबिनेट में सबसे कम उम्र में मंत्री पद संभालने का रिकॉर्ड भी सुषमा स्वराज के नाम दर्ज हैं। उस वक्त वो 25 साल की थीं। हरियाणा कैबिनेट में सबसे कम उम्र में मंत्री पद संभालने का रिकॉर्ड भी सुषमा स्वराज के नाम दर्ज हैं। उस वक्त वो 25 साल की थीं।

# 1977 से 79 तक उन्होंने हरियाणा की चौधरी देवी लाल सरकार में श्रम मंत्रालय का कार्यभार संभाला था। 1977 से 79 तक उन्होंने हरियाणा की चौधरी देवी लाल सरकार में श्रम मंत्रालय का कार्यभार संभाला था।

# इसके बाद उनके राजनीतिक करियर का ग्राफ तेजी से बढ़ता गया। 27 साल की उम्र में उन्हें जनता पार्टी की हरियाणा यूनिट का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उनके राजनीतिक करियर का ग्राफ तेजी से बढ़ता गया। 27 साल की उम्र में उन्हें जनता पार्टी की हरियाणा यूनिट का अध्यक्ष बनाया गया।

# 1990 में बतौर राज्यसभा सदस्य उनको संसद और राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री मिली। जहां उन्होंने अपने धारदार भाषणों से विरोधियों को पस्त किया। 1990 में बतौर राज्यसभा सदस्य उनको संसद और राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री मिली। जहां उन्होंने अपने धारदार भाषणों से विरोधियों को पस्त किया।

# 1996 में दक्षिणी दिल्ली सीट चुनकर वो लोकसभा में पहुंची थीं। अटल बिहारी सरकार में उन्हें दूरसंचार मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। 1996 में दक्षिणी दिल्ली सीट चुनकर वो लोकसभा में पहुंची थीं। अटल बिहारी सरकार में उन्हें दूरसंचार मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया।

# 1998 में वो दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। भाजपा की ओर से भी मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाली वो पहली महिला नेता थीं। 1998 में वो दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। भाजपा की ओर से भी मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाली वो पहली महिला नेता थीं।

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