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नन मरियम थ्रेसिया को मृत्यु के 93 साल बाद ‘संत’ की उपाधि मिली

नन मरियम थ्रेसिया को मृत्यु के 93 साल बाद ‘संत’ की उपाधि मिली





2019-10-14 : हाल ही में, पोप फ्रांसिस ने 13 अक्टूबर 2019 को केरल की नन मरियम थ्रेसिया को मृत्यु के 93 साल बाद ‘संत’ की उपाधि दी है। यह उपाधि नन मरियम थ्रेसिया को उनके निधन के 93 साल बाद दी गई है। यह उपाधि उन्हें लड़कियों की शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हेतु दी गई। पोप फ्रांसिस ने यह उपाधि वेटिकन सिटी में आयोजित समारोह में दी। इस समारोह में भारतीय नन मरियम थ्रेसिया के साथ चार अन्य ईसाई धर्म गुरुओं को भी मरणोपरांत संत की उपाधि से नवाजा गया। ब्रिटिश कार्डिनल जॉन हेनरी न्यूमैन, स्विस लेवीमेन मार्गरेट बेज, ब्राजील की सिस्टर डुल्स लोप्स तथा इतालवी सिस्टर गिसेपिना वानीनि को भी संत घोषित किया गया।

पाठकों को बता दे की सिस्टर मरियम को यह उपाधि मिलने के साथ ही केरल के सीरियन मालाबार चर्च से अब चार संत हो गये हैं। सिस्टर मरियम ने आठ साल की उम्र में खुद को भगवान को समर्पित कर दिया था। वे आठ साल की उम्र से ही उपवास और प्रार्थना करना शुरू कर दिया था। उनके दोस्तों ने बचपन से ही उन्हें संत कहना शुरू कर दिया था।

मरियम थ्रेसिया के बारे में :-

# मरियम थ्रेसिया 26 अप्रैल 1876 को केरल के त्रिशूर में पैदा हुई थीं। उन्होंने ‘होली फैमिली’ नाम की एक धर्मसभा की स्थापना की थी।

# उनको लड़कियों की शिक्षा तथा उनके सशक्तीकरण हेतु किये गए कामों के लिए भी याद किया जाता है। उनके द्वारा साल 1914 में स्थापित इस संस्था में अब लगभग 2000 नन हैं।

# उन्होंने केरल के गरीबों और कुष्ठइ रोग तथा चेचक से पीड़ित लोगों की खूब सेवा की।

# सिस्टंर मरियम थ्रेसिया की सेवा के कारण से हमेशा उनकी तुलना मदर टेरेसा से की जाती रही है।

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