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9 वर्ष की उम्र में फ्रीज अंडाशय ऊतक से मातरूषी दुनियां की पहली मां बनी

9 वर्ष की उम्र में फ्रीज अंडाशय ऊतक से मातरूषी दुनियां की पहली मां बनी





2016-12-22 : हाल ही में, दुबई निवासी एक महिला दुनिया की ऐसी पहली मां बनी है जिसने नौ साल की उम्र में संरक्षित रखे गए अंडाशय के ऊतकों का उपयोग करते हुए एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। लंदन स्थित पोर्टलैंड हॉस्पिटल की प्रजनन विशेषज्ञ और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सारा मैथ्यूज के अनुसार इससे पूर्व 14 वर्ष पूर्व संरक्षित रखे गए अंडाशय के ऊतकों का प्रत्यारोपण किसी महिला को नहीं किया गया। इस तरह का यह पहला मामला है। 24 वर्षीय मोजा अल मातरूषी ने लंदन में 13 दिसंबर 2016 को पोर्टलैंड हॉस्पिटल में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। इस मामले में किशोरावस्था में ही निकाले गए अंडाशय के ऊतकों की मदद से एक वयस्क महिला बच्चे को जन्म देने में सक्षम हो सकी।

क्या है अंडाशय फ्रीज?

# चिकित्सकों ने मातरूषी के दाएं अंडाशय को की-होल सर्जरी के माध्यम से निकाल कर इन्हें 72 मिलीमीटर मोटे टुकड़ों में काट लिया और 195 डिग्री सेल्सियस तापमान पर तरल नाइट्रोजन में रख दिया गया।

# मातरूषी के अण्डाशय टिशू के टुकड़े के क्रयो-प्रोटेक्टिव एजेंट्स के साथ रखा गया था।

# इससे तापमान धीरे-धीरे शून्य से 16 डिग्री तक कम होता है।

# इसे सुरक्षित स्टोर करने से पूर्व लिक्विड नाइट्रोजन में रखा जाता है। जिससे उसका तापमान नियंत्रित किया जा सके।

# पिछले साल डेनमार्क के डॉक्टरों ने अण्डाशय टिशू के पांच टुकड़ों को फिर से बॉडी में ट्रांस्प्लांट किया था।

# इसके बाद में मातरूषी का बोन मैरो प्रत्यारोपण कर थेलेसेमिया का इलाज किया गया। शादी के बाद बच्चा नहीं होने पर मातरूषी ने 2014 में डॉ. मैथ्यूज से संपर्क किया। डॉ. मैथ्यूज और चिकित्सकों की टीम ने 14 साल पूर्व फ्रीज किए अंडाशय के ऊतकों को मातरूषी के बाएं अंडाशय में सफल प्रत्यारोपण किया। मातरूषी ने आईवीएफ तकनीक के माध्यम से गर्भवती हुई और 13 दिसंबर को 3.2 किलो वजनी स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

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